CTET Language II Hindi Paper 1 December 2024 Previous Year Question Paper with Answer Key

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129)गद्यांश:
इस ब्रह्मांड में हम सभी की भूमिका महत्वपूर्ण है। कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे से ज़्यादा खास नहीं है क्योंकि परमात्मा की नज़र में हम सब एक समान हैं। ध्यान-अभ्यास हमें सभी जीवों को एक समान देखने में मदद करता है। हम मानते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो एक चौकीदार, क्लर्क या कैशियर है, वह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि किसी कंपनी का कोई मालिक। हमें समझ आता है कि किसी कंपनी का मालिक कर्मचारियों के बिना काम नहीं कर सकता। चाहे वे अधिक वेतन पाने वाले हों या सबसे कम वेतन वाले। सभी लोग अपनी-अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं। भले ही हम बाहर से रंग, रूप, समाज, संस्कृति आदि के स्तर पर अलग दिखते हैं लेकिन पिता-परमेश्वर की संतान होने के नाते हम सभी एक समान हैं।

गद्यांश के अनुसार सभी व्यक्ति

A) समान वेतन के अधिकारी हैं।

B) व्यवसाय में लगे हुए हैं।

C) एक समान हैं।

D) महत्वपूर्ण हैं।

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C) एक समान हैं।
130)गद्यांश:

गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि हम सभी समान हैं क्योंकि

A) हम ईश्वर की संतान हैं।

B) हम कंपनी के कर्मचारी हैं।

C) हमारी जीवन-शैली समान है।

D) हमारा जीवन-लक्ष्य समान है।

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D) हमारा जीवन-लक्ष्य समान है।
131)गद्यांश:

सभी व्यक्तियों को समान दृष्टि से देखने में सहायक है

A) व्यवहारिक होना

B) ध्यान का अभ्यास

C) समान दृष्टि का अभ्यास

D) आचरण का अभ्यास

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B) ध्यान का अभ्यास
132)गद्यांश:

किसी भी कार्य की सफलता में __________ योगदान होता है

A) सभी की सम दृष्टि का

B) पदाधिकारियों के श्रम का

C) सभी के परिश्रम का

D) सभी के धन का

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D) सभी के धन का
133)गद्यांश:

समूह से भिन्न शब्द है

A) संस्कृति

B) ज़्यादा

C) व्यक्ति

D) महत्वपूर्ण

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D) महत्वपूर्ण
134)गद्यांश:

“संस्कृति” शब्द में __________ प्रत्यय का प्रयोग होगा (विशेषण बनाने हेतु)

A) इय

B) ईय

C) इक

D) इत

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B) ईय
135)गद्यांश:

गद्यांश में सभी मनुष्यों को समान भाव से देखने एवं __________ पर बल दिया गया है।

A) व्यवहार करने

B) विशेष मानने

C) समान वेतन देने

D) समान नौकरी देने

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C) समान वेतन देने
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